NASA ने chandrayaan-2 के विक्रम लेंडर को ढूंढ निकाला

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NASA found Vikram Lander, Chandrayaan-2 Mission,

चेन्नई के 1 इंजीनियर ने विक्रम लेंडर को ढूंढने में NASA की मदद की

Chandrayaan-2 को 22 जुलाई 2019 को लांच किया गया था और इसने 23 दिन पृथ्वी का चक्कर काट के 24 दिन चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था|

 

यह मिशन भारत के 130 करोड़ नागरिक के लिए बहुत खास था, सभी आशा कर रहे थे कि ISRO का यह मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो जाए लेकिन अफसोस विक्रम लेंडर के चंद्रमा की सतह पर उतरने से कुछ मिनट पहले ही ISRO का लेंडर के साथ संपर्क टूट गया|
जिसकी वजह से विक्रम लेंडर चंद्रमा की सतह पर जा गिरा और chandrayaan-2 का महत्वपूर्ण भाग पूरा होने से चूक गया|

कैसे ढूंढा NASA ने Chandrayaan-2 के विक्रम लाइनर को

 

NASA ने अपने ट्विटर हैंडल पर आज 2 Dec. ट्वीट करके बताया हमने विक्रम लेंडर के मलबे को ढूंढ लिया है और उस जगह की पड़ताल कर ली है जहां पर विक्रम लेंडर चंद्रमा की सतह से टकराया था|

चेन्नई के इंजीनियर ने NASA की मदद की विक्रम लेंडर को ढूंढने में

 

नासा ने विक्रम लेंडर के ढूंढे जाने का सारा क्रेडिट एक भारतीय इंजीनियर को दीया है उस भारतीय इंजीनियर का नाम शनमुगा सुब्रमण्यन है|

शनमुगा सुब्रमण्यन ने नासा से संपर्क किया और बताया विक्रम लेंडर चंद्रमा की सतह पर मौजूद है और आप इसकी कुछ तस्वीरें निकालें ताकि विक्रम लैंडर का पता लगाया जा सके|

 

 

 

ऊपर जो आपको तस्वीर दिख रही है उसमें नीला और हरा रंग दर्शाया गया है|
नीले रंग का मतलब है chandrayaan-2 के विक्रम लेंडर की वजह से चंद्रमा की सतह पर क्या असर हुआ है और हरा रंग विक्रम लेंडर के टुकड़ों को दर्शाता है|

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