प्लूटो के 17 रोचक तथ्य | Pluto Facts in Hindi

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प्लूटो (Pluto) बौने ग्रह के 17 रोचक और मज़ेदार तथ्य

प्लूटो ग्रह को 18 फरवरी 1930 में पहली बार देखा गया था, इस ग्रह को ढूंढने वाले खगोल वैज्ञानिक का नाम क्लाइड टॉम्बो (Clyde Tombaugh) था|
इसको 1930 से 2006 तक हम ग्रह मानते थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय खगोल संगठन IAU (International Astronomical Union) ने ग्रह की परिभाषा बनाई तो प्लूटो परिभाषा में नहीं आ सका|

Pluto Dwarf planet facts in Hindi / प्लूटो ग्रह के कुछ रोचक तथ्य

 

प्लूटो की रूपरेखा

व्यास (Diameter)- 2,372km
द्रव्यमान (Mass)- 1.30900 × 1022kg
1 साल- 248 साल (पृथ्वी के साल के बराबर)
1 दिन- 6½ पृथ्वी दिन के बराबर
सामान्य तापमान- 229°C
सूरज से दूरी- 5,983,914,828km (598 करोड़ km)

17 Pluto Dwarf Planet facts in Hindi / रोचक तथ्य

1) अंतरराष्ट्रीय खगोल संगठन IAU (International Astronomical Union) ने लगभग 80 खगोल वैज्ञानिक को बुलाकर ग्रह की एक नई परिभाषा बनाई,
किसी भी ग्रह को ग्रह होने के लिए 3 शर्तें है|
A) वह ग्रह गोल आकार का होना चाहिए|
B) वह सूर्य के चारों ओर कक्षा में हो।
C) अपने आसपास की सफाई करें यानी कि जो भी चीज उसके आसपास हो या तो उससे टकरा जाए या फिर उसी के साथ सूरज की परिक्रमा करें|
2) प्लूटो बनाई गई परिभाषा में से 3(C) शर्त को नहीं फॉलो करता है, इसलिए प्लूटो को ग्रह के दर्जे से बाहर कर दिया और उसको एक बौने ग्रह का दर्जा दे दिया गया|
3) प्लूटो पर सूरज की रोशनी पहुंचने में लगभग 5 घंटें लग जाते है वही पृथ्वी पर 8 मिनट के आसपास सूरज की रोशनी पहुंच जाती है|
4) प्लूटो के वायुमंडल में 98% नाइट्रोजन गैस है और 2% अन्य गैसें है|
5) प्लूटो पर कोई चुंबकीय क्षेत्र नहीं है|
6) प्लूटो सूरज की परिक्रमा अंडे (Elliptical) के आकार में करता है|
7) प्लूटो की एक तिहाई भाग जल बर्फ से बना है और बाकी का हिस्सा चट्टानों से बना है, प्लूटो में कई गैसों की भरमार है जैसे कि नाइट्रोजन, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड, एथेन और अन्य गैसे प्लूटो के वायुमंडल में मौजूद है|
8) प्लूटो के अब तक 5 उपग्रह (चांद) खोजे जा चुके है|

Pluto Dwarf planet facts in Hindi / प्लूटो ग्रह के कुछ रोचक तथ्य

Moons of  Pluto 

A) चारोन (Charon)
इस चांद को 1988 में खोजा गया था|
B) निक्स (Nix)
इस चांद को 2005 में खोजा गया था|
C) हाइड्रा (Hydra)
इस चांद को भी 2005 में खोजा गया था|
D) केर्बर (Kerber)/P4
इस चांद को 2011 में खोजा गया था|
E) स्टिक्स (Styx)/P5
इस चांद को 2012 में खोजा गया था|
9) 1840 में अर्बन ले वेरियर (Urbain Le Verrier) को अपने अध्ययन के दौरान पाया कि अरुण(Uranus) ग्रह को कोई चीज परेशान कर रही है, उसके कुछ साल बाद हमें नेपच्यून(Neptune) ग्रह का पता चला|
19वीं शताब्दी में खगोल वैज्ञानिक का मानना था कि अरुण ग्रह और नेपच्यून इन दोनों ग्रहों पर कोई चीज प्रभाव डाल रही है, यहीं से प्लूटो की खोज की शुरुआत हुई और 1930 में हमें प्लूटो मिल गया|
10) 1906 में पर्सिवाल लोवेल (Percival Lowell) ने नवें ग्रह की खोज शुरू कर दी और उस मिशन का नाम Planet X (The search of a possible ninth planet) रखा|

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11) पर्सिवाल लोवेल (Percival Lowell) यह मिशन ज्यादा दिन तक जारी रख नहीं पाए क्योंकि उनकी मृत्यु हो गई है लेकिन कुछ साल बाद उनके असिस्टेंट ने प्लूटो ग्रह को खोजा यानी कि 1930 में क्लाइड टॉम्बो (Clyde Tombaugh) ने प्लूटो ग्रह की खोज कर दी थी|
12) 19 January 2006 में NASA ने प्लूटो के लिए एक मिशन लॉन्च किया जिसका नाम न्यू हॉरिज़न (New Horizon) रखा गया|
13) न्यू होराइजन प्लूटो के लिए भेजे जाने वाला पहला स्पेसक्राफ्ट था, जिसको पहुंचने में 9 साल 5 महीने का वक्त लग गया, 2015 में न्यू हॉरिज़न प्लूटो तक पहुंचा था|
14) न्यू हॉरिज़न में क्लाइड टॉम्बो की अस्थियां भेजी गई थी जो कि किसी भी खगोल वैज्ञानिक के लिए सबसे बड़ा सम्मान है| न्यू हॉरिज़न सिर्फ प्लूटो तक नहीं रुकने वाला था बल्कि उसके बाद इसका सफर और भी आगे तक चलता रहता|
15) प्लूटो पूर्व से पश्चिम (E to W) की तरफ अपने रोटेशन पर घूमता है|
16) प्लूटो जब सूरज की परिक्रमा करता है तो एक समय ऐसा आता है जब प्लूटो नेपच्यून की कक्षा में आ जाता है, प्लूटो नेपच्यून की कक्षा में 20 साल तक सूरज की परिक्रमा करता है|
17) 1979-1999 तक प्लूटो को नेपच्यून कक्षा में देखा गया था|

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