Flood reason in Assam in Hindi | 5 कारण आसाम में बाढ़ आने के

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इन 5 कारणों की वजह से हर साल आसाम में बाढ़ आती है|

इन 5 कारणों की वजह से हर साल आसाम में बाढ़ आती है|

आसाम में हर साल बाढ़ आ रही है। इस बाढ़ की वजह से पिछले 5-10 सालों में लगभग 100 से 200 लोगों की मौत हो गई है।

हर साल 1.5-2 लाख लोगों को इस बाढ़ नुकसान होता है और उनका घर, पैसा, रोजी-रोटी, मकान सब कुछ इस बाढ़ में चला जाता है|

लोगों को तो नुकसान होता है और इस बाढ़ की वजह से बहुत से जानवर भी मर जाते हैं जिसका कोई अनुमान भी नहीं है|

अब हम बात करेंगे उन पांच कारणों की जिससे आसाम में पिछले 10 सालों में हर साल बाढ़ आती है और हर साल इसकी क्षमता और बढ़ जाती है और यह भी जानेंगे कि किस उपाय से इस बड़े डिजास्टर से बचा जा सकता है|

1- ब्रह्मपुत्र नदी

1950 में ब्रह्मपुत्र नदी के पास एक बहुत बड़ा अर्थक्वेक आया था जिसकी वजह से ब्रह्मपुत्र नदी अनस्टेबल हो गई और उसका पानी फ्लड लैंड में जाने लगा और यही कारण है कि हर साल यहाँ बाढ़ आती है और उसकी क्षमता हर साल बढ़ती भी है|

जब से ब्रह्मपुत्र नदी में अर्थक्वेक आया है तभी से बाढ़ का सिलसिला चलता आ रहा है लेकिन कभी भी इन सालों में इतनी बुरी तरीके से बाढ़ नहीं आई है जितना कि इन 5 सालों में हमने देखा है|
इसका कारण आपको अगले 3 पॉइंट मैं पता चल जाएगा|

2- डिफॉरेस्टेशन (पेड़ों को काटना)

आसाम में पिछले कुछ सालों में डेवलपमेंट के नाम पर इतने ज्यादा पेड़ काट दिए गए हैं और जंगलों को खत्म कर दिया गया जिसका कोई अनुमान भी नहीं है। यही कारण है कि हर साल इतने बड़े पैमाने में यहाँ पर बाढ़ आ रही है|

पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधे रखती है जिसे लैंडस्लाइड और भूकंप के खतरे टल जाते हैं, लेकिन अगर हम पेड़ों को काट देंगे तो मिट्टी पूरी तरीके से ढीली हो जाएगी इसके कारण कभी भी लैंडस्लाइड हो सकती है और बाढ़ का पानी आसानी से अंदर आ सकता है|

3- फ्लड लैंड पर घर बनाना

इन 5 कारणों की वजह से हर साल आसाम में बाढ़ आती है|

यह फ्लड लैंड वह जगह होती है जहां पर नदी में पानी ज्यादा होने पर नदी का पानी आस-पास की जमीन पर आ जाता है, उस जगह को फ्लड लैंड कहते हैं|

जैसा कि आप फोटो में देख पा रहे हैं आसाम मैं फ्लड लैंड पर बहुत सारे घर बने हैं जिसकी वजह से नदी के पानी को फैलने के लिए जगह नहीं मिलती और नदी और भी ज़्यादा अनस्टेबल हो जाती है|

4- क्लाइमेट चेंज

क्लाइमेट चेंज जो आज के टाइम पर सबसे बड़ी प्रॉब्लम है पूरी दुनिया का लगभग हर देश क्लाइमेट चेंज से जूझ रहा है, इसी क्लाइमेट चेंज का असर हमने मुंबई में देख लिया है जिसकी वजह से मुंबई में अनुमान लगाया जा रहा था कि इस बार इतनी बारिश नहीं होगी जितनी की जरूरत है लेकिन इस साल बारिश ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और मुंबई की पूरी सड़कें पानी से भरी हुई थी|

अब आप अंदाजा लगा सकते होंगे क्लाइमेट चेंज कितना घातक साबित हो सकता है इससे निपटने का सबसे आसान तरीका पेड़ों को लगाना और उनकी देखभाल करना है। जितना कम से कम हो सके पेड़ों को काटना और जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके जंगल और जानवरों को बचाए रखना|

5- इम्‌ˈबैङ्‌क्‌मन्‍ट्‌

Protection from flood

इम्‌ˈबैङ्‌क्‌मन्‍ट्‌ कई तरीके के होते हैं इनका काम यह होता है कि नदी के भाव को एक डायरेक्शन में रखना और कभी-कभी इनका इस्तेमाल घातक भी हो सकता है जब नदी का पानी तेज हो और उसमें सेंड जमा होने लगे तब नदी का पानी कई बार बाहर भी निकल आता है|
अगर हम आसाम की बात करें तो वहां पर इस तरीके का कोई भी इंतजाम नहीं है ना ही बाढ़ से बचने की कोई पॉलिसी या उस पर काम करती हुई कोई संस्था भी नहीं है|

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