इस गुजराती इंसान ने कचरे से बनाई ईट, इंडिया का रियल हीरो

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इस गुजराती इंसान ने कचरे से बनाई ईट, इंडिया का रियल हीरो

इस गुजराती इंसान ने कचरे से बनाई ईट

नाम- डॉ.बनीश देसाई

उम्र- 25year

इस समय भारत में 2 सबसे बड़ी समस्याएं हैं पहली पानी की और दूसरी हवा, की भारत में ऐसी बहुत सी जगह है जहां पर आप बिना मास्क के चल ही नहीं सकते|

अगर हम बात करें भारत की राजधानी दिल्ली की तो यहां की हवा दुनिया की सबसे प्रदूषित हवा मानी जाती है और कहा जाता है अगर आप दिल्ली में हैं तो आप जो सांस ले रहे हैं पूरे 24 घंटे में वह 50 सिगरेट पीने के बराबर है|

अगर हम पानी की समस्या की बात करें तो हमारे भारत मैं लगभग 80% नदी तालाब सूख चुके हैं और पानी का लेवल इतना नीचे चला गया है कि बोरिंग करने पर भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है|

इन दोनों का कारण सिर्फ एक ही है वह है हम ज्यादा मात्रा में प्लास्टिक का यूज करके इधर-उधर फेंक रहे और पेड़ों को काटकर हम बिल्डिंग खड़ी करने लगे हैं जिससे हमारे पृथ्वी का इन्वायरमेंट काफी तेजी से चेंज हो रहा है जिसका नतीजा यह है कि क्लाइमेट चेंज तेजी से हो रहा है|

कचरे से बनाई ईट

आइडिया कहां से आया

यह कॉलेज में बैठकर लेक्चर अटेंड कर रहे थे और उनके जूतों में चिंगम फंसा हुआ था उसको इन्होंने कागज की मदद से निकाल कर चिंगम और कागज को एक जगह रख दिया ताकि बाद में इसको डस्टबिन में फेंक सके|
जब यह 1 घंटे के बाद उसको देखने के लिए गए तो इन्होंने देखा वह एक ठोस ऑब्जेक्ट में बदल चुका था वहीं से इनकी क्यूरिओसिटी जागी कि आखिर ऐसा कैसे हुआ और वहीं से शुरुआत हो गई कचरे से ईट बनाने की|

Making bricks from garbage

घर में आने के बाद ही उन्होंने बहुत से कचरे को लेकर चिंगम के साथ मिलाकर उन्होंने एक एक्सपेरिमेंट किया जब इनका एक्सपेरिमेंट सफल हो गया तब उसको हकीकत में बदल दिया|

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दूसरा अच्छा काम महिलाओं को एमपावर करना

Empowering rural women by making bricks use industrial west

इन्होंने ईकोलाइट स्टूडियो शुरू किया ताकि रूरल महिलाओं को रोजगार मिल सके यह रूलर महिलाओं को सिखाते है और उनसे एनवायरमेंट फ्रेंडली इको लाइट्स बनवाते हैं ताकि वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके|

इनका यह काम वाकई में लाजवाब है अगर इनके जैसे हमारे देश में सिर्फ 30 और लोग हो जाए तो भारत का नक्शा ही बदल सकता है|

कितनी मजबूत है इनकी ईट

अगर हम इनकी ईटों की मजबूती की बात करें तो इन्होंने दिखाया है कि जो सामान्य ईट होती है उनसे इनकी ईट 2 गुना ज्यादा मजबूत है|

इनकी ईट की एक और खास बात है यह साइज में नार्मल से डबल होते हैं और पैसे के मामले में आधे होते हैं, है ना यह लाजवाब इंवेंशन|

हमारे देश में कुल 34,000 इंडस्ट्री है जो हर रोज 19,000 किलो कचड़ा पैदा करती हैं ऐसे में कचरे से ईट बनाना वाकई में पृथ्वी को दूसरा जन्म देने के बराबर है|

हमें यह कुछ चीजें अपने पृथ्वी को बचाने के लिए जरूर करना चाहिए

आज के टाइम पर इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन इतना बढ़ गया कि हमें इसे रोकना नामुमकिन है और प्लास्टिक का इस्तेमाल तो हम इतना ज्यादा करते हैं कि उसका असर दूर समुद्र में भी दिखने लगा है|

आप को जितना हो सके उतना चीजों को रीसाइकिल करना चाहिए और प्लास्टिक का जितना कम से कम हो सके इस्तेमाल करना चाहिए|

हम अपने आसपास कुछ ऐसी चीजों का ध्यान दे सकते हैं जिससे हमारे आसपास का वातावरण काफी सुधर जाएगा जैसे कि खाली जमीनों पर पेड़ लगाना साफ सफाई रखना, यह छोटी-छोटी चीजें हमारी एनवायरमेंट के लिए काफी प्रभावशाली होंगी |

अगर हम अपने इन्वायरमेंट का ध्यान नहीं रखेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब बेंगलुरु और दिल्ली जैसा हाल पूरे भारत में हो जाएगा|

धन्यवाद!

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