Eid मुबारक: जानिये क्यों मनाई जाती है ईद, कैसे हुई शुरुआत

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Eid मुबारक: जानिये क्यों मनाई जाती है ईद, कैसे हुई शुरुआत

Eid Mubarak 2019

आज ईद है, सभी को ईद मुबारक; इस्लाम कैलेंडर का सबसे पाक महीना यानी रमजान आज खत्म हो गया है और इस महीने हर मुसलमान रोजे रखता है, वह दिन भर भूखा रहता है सिर्फ अल्लाह की इबादत करने के लिए और अल्लाह का जब तक आदेश नहीं होता तब तक कुछ भी खाता पीता नहीं है, रमजान का यह पाक महीना बीत चुका है और 30 रोजे के बाद चांद देख के अगले दिन ईद मनाई जाती है, यह इस्लाम धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार होता है | आइए जानते हैं ईद आखिर क्यों मनाई जाती है|

इसलिए मनाई जाती है ईद

ईद है यानी ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार है, दरअसल, इसके पीछे एक लंबी कहानी है जब पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र के युद्ध में विजय प्राप्त की थी. उनके विजयी होने की खुशी में ही यह त्यौहार मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि 624 ईस्वी में पहला ईद-उल-फित्र मनाया गया था|

इस्लाम में दो ईद मनाई जाती है

इस्लाम कैलेंडर के मुताबिक दो ईद मनाई जाती है, पहली ईद को ईद-उल-फित्र कहते हैं जो रमजान के ठीक बाद मनाई जाती है और दूसरी ईद को ईद-उल-जुहा कहते हैं जिसको रमजान के बाद की ईद के ढाई महीना बाद मनाया जाता है, ईद-उल-जुहा में लोगों को अपने सबसे प्यारे जानवर की कुर्बानी देनी पड़ती है या अल्लाह का आदेश है हमें आप अपने सबसे प्यारे जानवर की कुर्बानी दीजिए इससे अल्लाह अपने बंदे की परीक्षा लेता है|

दान देने का रिवाज 

इस्लाम को मानने वाले का फर्ज होता है कि अपनी हैसियत के हिसाब से इस दिन जरूरतमंदों को दान दें. इस दान को इस्लाम में जकात और फितरा भी कहा जाता है| इस्लाम  धर्म के पाँच मूल स्तंभ या फ़र्ज माना जाता है,
1- शहादा
2- सलामत या नमाज़
3- सौम या रोज़ा
4- ज़कात
5- हज

 

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