UAE मंगल पर बसाएगा दुबई शहर

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हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का हमारी वेबसाइट में जैसा कि आप सभी लोग जानते हो हम अपनी वेबसाइट पर बहुत इंटरेस्टिंग पोस्ट करते रहते हैं उसी तरह कि यह पोस्ट आप सभी के लिए बहुत ही ज्यादा इंटरेस्टिंग होने वाली है इस पूरी पोस्ट को आप अंत तक की पढ़ते रहिएगा आपको काफी ज्यादा मजा आने वाला है 

यूनाइटेड अरब एमिरेट्स यानी यूएई अपने शहर दुबई के लिए दुनिया भर में फैले इस देश की सोच काफी फ्यूचरिस्टिक है जैसे उन्होंने बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बनाई आर्टिफिशियल आईलैंड बनाएं और ये बुर्ज खलीफा से भी ऊंची इमारत बनवा रहे हैं रेगिस्तान में और अपनी इसी फ्यूचरिस्टिक सोच को कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ाते हुए….. 


यह लोग पहुंचना marsh  यानी मंगल ग्रह पर चाहते हैं मार्ग पर एक कॉलोनी बताना जेट मशीन कॉलोनी बताना तो दोस्तों आज मैं आपसे इसी के बारे में बात करने वाला हूं तो आइए जानते हैं क्या मास्टर दुबई शहर बस पाएगा मार्स पर शहर बताने की तैयारी में यह लोग सबसे पहले बनाएंगे नकली मार्च के शहर का मॉडल यही अर्थ पर अब तक अर्थ पर बना marsh यह सबसे बड़ा सिमुलेशन होगा यहां पर रहने वालों को एकदम मार्च पर रहने का है क्या वहां का माहौल एकदम marsh की तरह होगा 2014 में यूनाइटेड अरब एमिरेट्स प्रोग्राम शुरू किया था और अपने आने वाले मिशंस के बारे में जिसका नाम है ऑल अमल और बेटा जो मार्केट में पेड़ और मौसम पर नजर रखेगा मंगल ग्रह का एटमॉस्फेयर काफी ज्यादा पतला अमर ऑर्बिटल को दूध बीच में लांच किया जाएगा और यह 2021 में marsh पर पहुंच जाएगा लेकिन जूही ने प्लान किया है कि पूरा एक शहर मार्ग पर बताएं यह लोग 600000 लोगों को मौत पर भेजना चाहते हैं कि उनकी काफी चौंकाने वाली लेकिन अच्छी सोच है क्योंकि वो मंगल पर 600000 लोगों को बताना चाहते हैं लेकिन अब तक पूरी दुनिया का कोई भी देश पर एक भी स्थान नहीं पहुंचा सके इसलिए यह बात काफी कठिन चुनौती से भरी हुई है लेकिन वह 6 लाख लोगों को 100 साल के अंदर व्हाट्सएप पर बताना चाहते हैं तो अभी उनके पास काफी टाइम है जहर का मॉडल आप पर बना रहे हैं वेटिकन सिटी के आधे शहर के बराबर है जो एक गुंबद से ढका रहेगा इससे पहले भी कई देश मास के जैसा सिम अर्थ पर बना चुके हैं लेकिन इतना बड़ा कभी नहीं बनाया गया यूएई की स्पेस एजेंसी ने अभी यह नहीं बताया कि वह कब से इस शहर को बनाना स्टार्ट कर दे लेकिन उनकी तैयारी को देख कर तो ऐसा ही लगता है कि यह जल्दी होगा मार्च पर यह कॉलोनी 3 गुंबद के नीचे रहेगी क्योंकि हमारी अर्थ की अट्मॉस्फेरे क्योंकि हमारी आज की 8 मार्च पैर में ऐसे गुंबद नेचुरल रूप से मौजूद है जो सूरज की खतरनाक अल्ट्रावॉयलेट रेज को फिल्टर कर देते हैं कि हम आसानी से याद रह पाए लेकिन मार्केट मास्टर इस लायक नहीं कि वह ऐसा कुछ कर सके इसलिए उसकी तरफ पर लोगों को बहुत खतरनाक स्किन कैंसर हो सकता है अगर वह प्रोटेक्ट नहीं हुआ तो इसीलिए गुंबद वो काम करेंगे जो हमारी अर्थ की एटमॉस्फेयर कर लेती लेकिन बास्केट मौत पर नहीं कर पाती और लोगों को खतरनाक यूवी रेज से बचाएंगे उनके कांसेप्ट के हिसाब से यह भी कंट्रोल किया जा सकेगा की कितनी लाइटिंग गुंबद को पार कर के अंदर आएगी इसकी वजह से उन शहरों में रह रहे पेड़ों और इंसानों को ऐसे ही दिन रात का एहसास होगा जैसे कि लेकिन इंजीनियर को सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह सॉल्व करनी है कि कैसे लोगों को वह खाना खिलाया जाए और क्या खिलाया जाए क्योंकि मांस मिट्टी आती नहीं है कि उसमें आसानी से पेड़ों को गाया जा सके इस मिट्टी को खेती के लायक बनाने पर काफी ज्यादा मेहनत करनी होगी जेनेटिकली मोडिफाइड पौधे मार्च पर गाने लायक बनाए जा सकते हैं सारे उपाय करने के बाद भी इस क्रीम प्लेनेट पर इंसानों के रहने लायक शहर बनाना काफी कठिन है इसके अलावा मार्च पर एक नियम भी बनाना चाह रहा है इसकी दीवारें महर्षि वेद 3D प्रिंट की जाएंगी इंसानों की स्पेस ट्रैवल किसी को सेलिब्रेट करेगा लेकिन कोई नहीं जानता कि यह शहर कितनी जल्दी बन पाएंगे शायद 20 साल 50 साल या लेकिन क्या आप इन 600000 लोगों में शामिल होना चाहते हैं जो मांस के शेयरों में रहेंगे कमेंट में जरूर बताइएगा और अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई तो इसे व्हाट्सएप पर जरूर व्हाट्सएप पर जरूर शेयर करें आप सभी का पोस्ट पढ़ने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया…!!




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