दुनिया के 10 सबसे अविश्वसनीय इत्तेफ़ाक

1
117




दोस्तों हमारे सामने कभी कभी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं जिनपर यकीन करना काफ़ी मुश्किल होता है…लेकिन कुछ इत्तेफ़ाक इस दुनिया में ऐसे भी घटे हैं जिनपर यकीन करना सच में काफ़ी मुश्किल है। आज की पोस्ट में मैं आपको दुनिया में हुए 10 सबसे अजीब इत्तेफ़ाक के बारे में बताने वाला हूँ।

10 – एक इंसान ने चौथी मंज़िल से गिरते हुए 2 बार 2 बच्चों की जान बचाई –

Detroit में 1937 में एक माँ अपने छोटे से बच्चे के साथ एक इमारत की चौथी मंज़िल पर खड़ी थी। तभी उसका बच्चा अचानक से खिड़की से नीचे गिर गया। किस्मत से उसी इमारत के नीचे जोसेफ़ फिगलोग नाम का एक सफ़ाई कर्मचारी नीचे सफाई कर रहा था और उसके कंधे पर वो बच्चा आकर गिर गया और उस बच्चे की जान बच गयी। एक साल के बाद फिर एक माँ ने अपने 2 साल के बच्चे डेविड थॉमस को गलती से चौथी मंज़िल से गिरा दिया इत्तेफ़ाक़ से फिर वही सफ़ाई कर्मचारी नीचे सफ़ाई कर रहा था और फिर वो बच्चा उसके कंधे पर आकर गिरा और एक बार फिर एक बच्चे की जान उस सफ़ाई कर्मचारी की वजह से बच गयी हालांकि इस बार दोनों को हलकी चोटें आयीं।





09 – अमेरिका के राष्ट्रपतियों का अजीब सा इत्तेफ़ाक़ –

आंकड़ों के हिसाब से अमेरिका के केवल 10% लोग ही बायें हाथ से काम करने वाले हैं इस हिसाब से अमेरिका के राष्ट्रपति भी बायें हाथ से काम करने वाले राष्ट्रपति भी केवल केवल 10% ही होने चाहिये लेकिन ऐसा नहीं है….अजीब बात ये है की पिछले 15 अमेरिकी राष्ट्रपतियों में से आधे से ज़्यादा बायें हाथ से काम करने वाले हैं और तो और पिछले 7 में से 5 अमेरिकी राष्ट्रपति बायें हाथ से काम करने वाले थे….हालांकि वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दायें हाथ से काम करते हैं।  जिस देश में मुश्किल से 10% लोग ही बायें हाथ का प्रयोग अपने मुख्य कामों में करते हों उसी देश में पिछले कुछ दशकों से ज़्यादातर राष्ट्रपति बायें हाथ से काम करने वाले ही हुए हैं….है न अजीब इत्तेफ़ाक़!!

08- जहाज़ के डूबने पर एक ही नाम के लोग हर बार बच निकले –

अगर आपका नाम Hue William है तो फिर आप समुद्र में जाकर पानी वाले जहाज़ में बेफ़िक्र होकर सफ़र करिये क्यूँकि आपके डूबने के संयोग बहुत ही कम हैं….कैसे आइये जानते हैं। इतिहास में समुद्री जहाज़ों से ही लोग दुसरे देशों की यात्रा किया करते थे…और अक्सर समुद्री तूफ़ान या फिर कोई और वजह से समुद्री जहाज़ डूब भी जाते थे….समुद्री जहाज़ों के डूबने से लाखों लोगों ने अपनी जान गवाईं हैं।  1660 में एक जहाज़ समुद्र में डूब गया उसमें केवल एक शख्स की जान बची उस शख्स का नाम था Hue William… इस घटना के 107 सालों के बाद 1767 में समुद्र में उसी जगह एक और जहाज़ डूब गया उसमें भी केवल एक शख्स की जान बच सकी उसका नाम भी था Hue William….अभी और…..1820 में थेम्स नदी में एक और जहाज़ डूब गया उसमें भी केवल एक शख़्स की जान बची उसका नाम भी था Hue William….1940 में जर्मनी ने एक जहाज़ को तबाह कर दिया उसमें केवल दो लोग ज़िंदा बचे….एक का नाम था Hue William और दूसरा था उसका भांजा उसका भी नाम था Hue William….है न अजीब इत्तेफ़ाक़ अब अगर आपका नाम Hue William है तो फिर आप बेफिक्र होकर समुद्र में घूमिये, आप डूबेंगे नहीं।

07- Dues Ex Game 2 –

ये वाला बहुत ही अजीब इत्तेफ़ाक़ है।   सन् 2000 में एक कम्प्यूटर गेम लॉन्च हुआ था जिसका नाम था Dues Ex इस गेम की कहानी में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर को दिखाया गया है लेकिन गेम कम्पनी ने गलती से न्यूयॉर्क शहर में बने Twin Towers को गेम के न्यूयॉर्क शहर में नहीं जोड़ा।  जब अपनी इस गलती के बारे में कंपनी को पता चला की वो गेम के न्यूयॉर्क शहर के नक़्शे में वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर को बनाना भूल गए हैं, तो उन्होंने गेम की कहानी को थोड़ा सा बदल दिया और उसमें ये दिखा दिया की एक आतंकी हमले में वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर के दोनों टॉवर तबाह हो गए हैं…लेकिन ये गेम एक भयानक इत्तेफ़ाक़ में बदल गया। गेम लॉन्च होने के ठीक 1 साल के बाद असलियत में भी ऐसा ही हुआ और एक आतंकी हमले में न्यूयॉर्क शहर के ये दोनों टॉवर तबाह हो गये। इस आतंकी हमले के बाद ये गेम काफ़ी चर्चा में आ गया।

06 – दो भाइयों की मोपेड पर मौत –

1975 में बरमूडा में एक इंसान मोपेड चला रहा था….एक टैक्सी से उसकी टक्कर हो गयी और उस लड़के की मौत हो गयी…उस वक़्त उस लड़के की उम्र केवल 17 साल थी।  लेकिन ठीक एक साल के बाद उसी लड़के का छोटा भाई जिसकी उम्र भी अब 17 साल हो गयी थी…वो भी उसी मोपेड को चला रहा था….और टैक्सी से लड़कर उस लड़के की भी मौत हो गयी लेकिन ये इत्तेफ़ाक़ और भी ज़्यादा बड़ा और रहस्यमयी है कैसे आइये जानते हैं….जिस टैक्सी से टकराकर पहले लड़के की मौत हुई एक साल बाद उसी टैक्सी से टकराकर उसके छोटे भाई की मौत भी हुई थी..उस टैक्सी को वही ड्राइवर चला रहा था जो ड्राइवर पहले भाई से टकराते वक़्त टैक्सी को चला जा रहा और टैक्सी के पहले भाई से टकराते वक़्त जो पैसेंजर बैठी थी वही दूसरे भाई से टकराते वक़्त भी बैठी थी…अब लगा न ये इत्तेफ़ाक़ आपको अजीब।

05- अमेरिका के दो प्रसिद्ध राष्ट्रपतियों का अजीब इत्तेफ़ाक़-

अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन और जॉन एफ़ कैनेडी के बारे में पूरी दुनिया जानती है। आपने भी इनका नाम सुना ही होगा, ये दोनों अमेरिका के काफ़ी चहीते राष्ट्रपति रहे हैं…..अब इत्तेफ़ाक़ क्या है…..अब्राहम लिंकन 1860 में अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव जीते।
अब्राहम लिंकन ने शपथ 1861 में ली, ठीक 100 सालों के बाद जॉन एफ़ कैनेडी ने 1961 में राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
दोनों ही राष्ट्रपतियों के उप राष्ट्रपति का नाम जॉनसन था। दोनों ही राष्ट्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गयी , दोनों ही राष्ट्रपति की हत्या उनकी पत्नियों के सामने की गयी, दोनों ही राष्ट्रपति Friday के दिन मारे गये और लिंकन को जिस थिएटर में मारा गया वो फ़ोर्ड कंपनी का था…और जॉन एफ़ कैनेडी को जब मारा गया तो वो जिस गाड़ी में थे वो भी फ़ोर्ड कम्पनी की ही थी और उस कार का नाम था “लिंकन”।

4– “Archduke Franz Ferdinand” की मौत का इत्तेफ़ाक़ -ऑस्ट्रिया के शासक Archduke Franz  Ferdinand की जब हत्या की गयी तब वो एक कार में थे जिसका नम्बर था -“A 111-118 जब ये घटना घटी तब लोगों ने इसके बारे में ज़्यादा नहीं सोचा, लेकिन बाद में जो हुआ वो बहुत ही विचित्र है।  माना जाता है कि इनकी हत्या से ही “प्रथम विश्व युद्ध” की शुरुआत हुई थी….और ये ख़त्म हुआ था “Armistic” नाम की जगह पर 11 नवंबर 1918 में। उनकी कार का रजिस्ट्रेशन नम्बर बहुत ही विचित्र था….जिस कार में उनकी हत्या की गयी उसका नम्बर था ” A 111 118 ”

A से Armistice, फिर 11 तारीख, फिर 11 यानी ग्यारहवां महीना “नवम्बर” गाड़ी के नम्बर में अंत में था 18 यानी ” 1918 ” ये वही तारीख़ है जिसमें प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हुआ था, ये सारी बातें उस गाड़ी के नम्बर में छिपी हुई थीं जिसमें हुई हत्या से ही प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत हुई थी। है न अजीब इत्तेफ़ाक़ !!

3 – जेम्स डीन की रहस्यमयी कार :-

ये दुनिया का बहुत ही अजीब इत्तेफ़ाक़ है….जेम्स डीन हॉलीवुड के बहुत ही उभरते हुए सुपरस्टार थे।  लेकिन जल्दी ही एक कार दुर्घटना में उनकी मौत हो गयी। अपनी Porche कार चलाते वक़्त एक दुर्घटना में उनकी मौत हुई थी….ये कार बहुत ही अजीब थी, इसने बहुत सी जानें ली….एक्सीडेंट के बाद कार बनने के लिए गैरेज लायी गयी , इसे बनाते वक़्त इसका इंजन फट गया और मैकेनिक के दोनों पैर कट गए। एक साल बाद एक शख़्स ने उस इंजन को खरीद लिया ताकी अपनी रेसिंग कार में लगा सके उस इंजन को लगाने के बाद रेस करते हुए कुछ ही दिनों में एक्सीडेंट से उसकी मौत भी हो गयी।  एक और ड्राइवर जेम्स डीन की कार के कुछ पार्ट्स को खरीद कर लाया और उन्हें अपनी कार में लगाया वो भी एक रेस के दौरान एक्सीडेंट में मारा गया, जिस गैरेज में जेम्स डीन की कार बनने के लिए गयी थी, वो भी आग लगने से ख़त्म हो गया….प्रदर्शन करने के लिए कार के बचे हुए भाग को सैकोमेनो नाम की जगह पर लाया गया। जिस ट्रेलर में बांध कर इसे लाया जा रहा था उससे ये छुट गयी और एक बच्चे के जाकर लड़ गयी, जिससे उस बच्चे की कई हड्डियां टूट गयीं और कुछ दिनों के बाद जिस ट्रेलर में बांध कर इसे लाया गया था वो ट्रेलर एक दुकान में टकरा गया।
1959 में ये कार रहस्य्मयी रूप से 11 टुकड़ों में बट चुकी थी….और अब ये कार मौजूद नहीं है।

2 – बन्दूक की गोली का इत्तेफ़ाक़ –

1883 में हेनरी ज़िगलैण्ड नाम के एक इंसान को गोली मारी गयी क्यूंकि उसने अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ दिया था और इसी गम में उसकी गर्लफ्रेंड ने आत्महत्या कर ली थी इसी बात का बदला लेने के लिए उसकी गर्लफ्रेंड के भाई ने हेनरी ज़िगलैण्ड नाम के इंसान को गोली मार दी लेकिन गोली उसके चेहरे को छूते हुए एक पेड़ में घुस गयी उसे गोली मारने के बाद उसकी गर्लफ्रेंड के भाई ने भी आत्महत्या कर ली, इत्तेफ़ाक से हेनरी ज़िगलैण्ड की जान बच गयी थी और वो खुद को बहुत लकी समझ रहा था।  एक साल के बाद ज़िगलैण्ड उस जगह को देखने गया जहाँ वो लगभग मरने ही वाला था। वो उस पेड़ के पास गया उसमें वो गोली अभी भी अंदर धसी हुई थी। उसी गोली को निकालने की कोशिश ज़िगलैण्ड करने लगा जो उसपर चलाई गयी थी लेकिन वो बच गया था……उसे निकलने में काफ़ी परेशानी हो रही थी इसीलिए उसने उस पेड़ को डायनामाइट से उड़ा कर गोली को निकालने का फ़ैसला किया और सोचा की इस तरह वो गोली को आसानी से पा लेगा, लेकिन जब पेड़ को डायनामाइट से उड़ाया गया तो वो गोली बहुत तेज़ी से निकली और सीधा ज़िगलैण्ड के सिर में घुस गयी जिससे उसकी मौत हो गयी। एक साल पहले जो गोली उसपर चलाई गयी थी एक साल बाद उसी गोली से उसकी मौत हो गयी। …इसीलिए कहते हैं की गोली गोली पर लिखा है मरने वाले का नाम !!

1- टेनिस-फ़रारी का इत्तेफ़ाक़-

फ़रारी कार कंपनी के फाउंडर की मौत 1988 में हुई थी उसी साल फुटबॉल खिलाड़ी मेसित ओज़िल पैदा हुए थे।  चौकाने वाली बात ये है की दोनों लोगों की शकल एकदम एक ही तरह है…..


इत्तेफ़ाक़ पर कोई यकीन करे या न करे वो होते रहते हैं….ये थे दुनिया के कुछ बहुत ही अजीब इत्तेफ़ाक़ आपको इनमें से कौन सा इत्तेफ़ाक सबसे अजीब लगा और आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी कमेंट में हमें ज़रूर बताइये। अगर आपको ये पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे अपने दोस्तों में शेयर कीजिये और आप आगे किन किन टॉपिक्स के बारे में जानना चाहते हैं कमेंट में हमें बता सकते हैं जल्दी ही हम आपकी पसंद के टॉपिक पोस्ट करेंगे।

धन्यवाद !!

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here